UPSSSC Adhyaksh Istifa Aayog Vilay Latest News in Hindi

UPSSSC Adhyaksh Istifa Aayog Vilay Latest News in Hindi

UPSSSC Adhyaksh Istifa Aayog Vilay Latest News in Hindi : उत्तर प्रदेश राज्य सरकार और केन्द्र सरकार या कहे तो भाजपा(BJP) सरकार भर्ती आयोग के अध्यक्षो को राजनीतिक शिष्टाचार का पाठ पढ़वाकर ही मानी। भाजपा सरकार की मंशा और मन की बात को भांपकर सबसे पहले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission – UPSSSC) के अध्यक्ष ने पद छोड़ा। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (U.P. Secondary Education Service Selection Board) और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (UPHESC (Uttar Pradesh Higher Education Services Commission) (site.uphesc.org) के अध्यक्ष ‘रस्म’ निभाने में आनाकानी कर रहे थे, तब आयोगों के विलय के दांव से दोनों को एक साथ चित कर दिया। अब केवल उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission – UPPSC)(यूपीपीएससी) बचा है जहां अध्यक्ष के इस्तीफे की चर्चा खूब हुई, लेकिन सीधी कामयाबी नहीं मिली।

UPSSSC Adhyaksh Istifa Aayog Vilay Latest News in Hindi

UPSSSC Adhyaksh Istifa Aayog Vilay Latest News in Hindi

UP Teachers and Principal Latest News in Hindi 

भाजपा(BJP) सरकार इसकी जांच के लिए सीबीआइ(CBI) जांच का एलान करके प्रतियोगियों को साधा और आयोग अध्यक्ष व सदस्यों पर शिकंजा कस दिया है। और प्रदेश में अधिकारी-कर्मचारी सहित, शिक्षक व प्राचार्य आदि के चयन के लिए मुख्य रूप से चार भर्ती आयोग कार्यरत हैं। इन आयोगों से सरकारी व सहायता प्राप्त संस्थाओं के लिए चयन होता है। साथ ही बता दे के आयोगों के अध्यक्ष व सदस्यों को भले ही पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां करने का निर्देश है, लेकिन इन पदों पर सरकार के चहेतों को ही तैनाती मिलती आ रही है। यही कारण है कि सत्ता बदलने पर राजनीतिक शिष्टाचार के तहत अध्यक्ष व सदस्य पद छोड़ देते हैं। बीते मार्च माह में प्रदेश में सत्तारूढ़ हुई भाजपा सरकार ने आते ही सबसे पहले आयोगों पर शिकंजा कसा। सभी जगह पर नियुक्तियां, साक्षात्कार व परीक्षा परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी गई।

Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission (UPSSSC) Latest News in Hindi 

सरकार के जिम्मेदारों ने आयोगों के अध्यक्षों को खुले तौर पर संदेश दिया कि वे राजनीतिक शिष्टाचार का पालन करें। इसीलिए भर्तियां रुकने के दौरान ही आयोग अध्यक्षों के इस्तीफे की खूब चर्चा होती रही। सबसे पहले छह अप्रैल को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission – UPSSSC) लखनऊ के अध्यक्ष राजकिशोर यादव ने इस्तीफा सौंप दिया। सरकार अब अधीनस्थ आयोग का पुनर्गठन करने जा रही है। ऐसा ही संदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (U.P. Secondary Education Service Selection Board) और उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग( Uttar Pradesh (U.P.) Higher Education Services Commission) उप्र के अध्यक्षों को भी दिया गया, लेकिन वह पद छोड़ने को तैयार नहीं थे, बल्कि चयन बोर्ड अध्यक्ष ने तो लंबित परीक्षा परिणाम जारी करना शुरू कर दिया। इस पर सरकार ने दोनों आयोगों के विलय की योजना बनाकर उसे लागू करने का निर्देश दिया। यही नहीं दोनों आयोगों को शासन ने पत्र भेजकर विलय के बारे में प्रस्ताव तक मांगा।

Uttar Pradesh Higher Education Services Commission Latest News in Hindi 

यह सरकार की ओर से दूसरा बड़ा संदेश था, उसकी भी अनदेखी होने पर शासन ने आयोगों के विलय की दो कमेटियां बनाकर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। साथ ही अगस्त माह में ही नया आयोग अमल में लाने की तैयारी शुरू हो गई। तब उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग( Uttar Pradesh (U.P.) Higher Education Services Commission ) के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया और माध्यमिक के अध्यक्ष अगले हफ्ते यह औपचारिकता निभाएंगे। उप्र लोकसेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission ) के अध्यक्ष व सदस्य अभी पद पर बरकरार हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यूपीपीएससी संवैधानिक इकाई है। वहां भी साक्षात्कार का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। इसी बीच सरकार ने आयोग के भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों का संज्ञान लेकर जांच शुरू कराने की दिशा में बढ़ चली है। इसके पहले यहां के सचिव और लंबे समय से जमे परीक्षा नियंत्रक को हटाया जा चुका है। अब इन सब की जांच सीबीएई करेगी

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