UP Teachers Promotion Latest News in Hindi

UP Teachers Promotion Latest News in Hindi 

Details for  Supreme Court Decisions Dated March 11, 2016 on Reservation in Teachers Promotion or Revert Demotion could be applied on 50000 Teachers more details are available in UP Teachers Promotion Latest News in Hindi below :

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UP Teachers Promotion Latest News in Hindi: UP Lucknow पदोन्नति में आरक्षण और परिणामी ज्येष्ठा के आधार पर प्रोन्नति पाने वाले कर्मचारियों की पदावनति को Supreme Court द्वारा सही ठहरा दिए जाने के बाद अब 50000 Teachers पर भी तलवार लटक गयी है ! 20000 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी पहले ही रिवर्ट किये जा चुके है !

इस मामले पर Supreme Court में मामला लम्बित रहने की वजह से Teachers की पदावनति की कार्यवाही काफी धीमी गति से हो रही थी ! अब तक बमुश्किल 500 Teachers की ही पदावनति की गयी है लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का आदेश आने के बाद अब इसमें तेजी आने की सम्भावना है यही नही, शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद आरक्षित वर्ग के लगभग दो लाख कर्चारियो की वरिष्ठता पर भी असर पड़ेगा Supreme Court के शुक्रवार के फैसले से पद्वत किये गये अधिकारियो कर्मचारियो को तगड़ा झटका लगा है ! शीर्ष अदालत ने पिछले साल अगस्त में पदोन्नति में आरक्षण को गलत ठहराते हुए सरकार को कोटे से प्रोन्नत होने वाले अधिकारिओ-कर्मचारियो को डिमोट कर दिया

Teachers के डिमोशन की प्रक्रिया अभी चल रही है ! सरकार की और से Supreme Court में दाखिल किये गये हलफनामे के अनुसार कुल 20807 अधिकारी-कर्मचारी रिवर्ट किये गये है ! अब करीब 50 हजार शिक्षको के डिमोशन की कार्यवाही होनी है जिनमे से लगभग 500 के आदेश जारी हुए है ! आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश वर्मा का कहना है की सुप्रीम court के आदेश से रिवर्ट हो चुके 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियो के आलावा लगभग दो लाख कर्मचारियो की वरिष्ठता पर भी असर पड़ेगा ! इन कर्मचारियो को प्रमोशन के लिए अब लम्बा इन्तेजार करना पड़ेगा ! भाजपा सांसद कौशल किशोर ने रिवर्ट कर्मचारियो की पुन: भली व पदोन्नति में आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन करने की मांग की है !

उन्होंने ने केन्द्र सरकार से नाम के साथ जातिसूचक टाइटल हटाने सम्बन्धी विधेयक भी लोन की मांग की है ! दूसरी तरफ सर्वजन हिताय संरक्ष्ण समिति के संयोजक सैलेन्द्र दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा की सरकार को शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए सभी विभागों में शेष बचे कर्मचारियो को भी तत्काल पदावनत करना चाहिये तथा ज्येष्ठा के आधार पर रिक्त पदों पर पदोन्नति करनी चाहिये ! उन्होंने कहा की अदालत ने सरकारी सेवाओ में जाति के स्थान पर योग्यता व ज्येष्ठा को सम्मानित किया है ! इस पर राजनीती बंद होनी चाहिये !

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