SSC CGL TIER 1 Indicator Study Material In Hindi

SSC CGL TIER 1 Indicator Study Material In Hindi

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सूचक

SSC CGL TIER 1 Indicator Study Material In Hindi

SSC CGL TIER 1 Indicator Study Material In Hindi

ये वे पदार्थ हैं जो अम्लीय या क्षारीय विलयन में भिन्न-भिन्न रंग देते हैं।

सूचक एवं उनके रंग

सूचक

रंग

अम्ल में

क्षारक में

फीनॉलफ्थैलीन रंगहीन गुलाबी
मेथिल ऑरेन्ज लाल पीला
मेथिल लाल लाल पीला
फेनिल लाल पीला लाल

pH Value Study Material In Hindi

pH मान

  • यह किसी विलयन की अम्लता व क्षारकता की माप है।
  • यह किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता (मोल/लीटर) का ऋणात्मक लघुगणक होता है अर्थात् pH = log[H+] = log 1/[H+] = 1 X 10-pH
  • उदासीन विलयन के लिए pH मान 7 होता है, क्षारीय विलयन के लिए यह 7 से अधिक व अम्लीय विलयन के लिए 7 से कम होता है।

प्रमुख पदार्थ एवं उनके pH मान

आमाशयी रस 1.0-3.0 वर्षा का जल 6.0
पेय पदार्थ (soft drinks) 2.0-4.0 आँसू 7.4
नींबू 2.2-2.4 समुद्री जल 8.5
सिरका 2.4-3.4 मैग्नीशिया मिल्क 10.5
यूरिन (मानव) 4.8-8.4 दूध (गाय का) 6.3-6.6
लार (मानव) 6.5-7.5 रक्त प्लाज्मा (मानव) 7.36-7.42
  • रक्त के pH मान में 0.2 इकाई का परिवर्तन होने पर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

Know Salt For SSC CGL TIER 1

लवण

  • ये अम्ल तथा क्षार की उदासीनीकरण (Neutralisation reaction) के उत्पाद हैं।

उदाहरण –

उदाहरण

उदाहरण

  • प्रबल अम्ल के प्रबल क्षार द्वारा उदासीनीकरण पर 13.7 किलोकैलोरी ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • यदि अम्ल या क्षार या दोनों दुर्बल हों, तो 13.7 किलोकैलोरी से कम ऊर्जा उत्पन्न होती है क्योंकि कुछ ऊर्जा दुर्बल अम्ल या क्षार के आयनन में भी प्रयुक्त होती है।

Mixed Salt Study Material In Hindi

मिश्रित लवण

एक अम्ल के दो क्षारों या एक क्षार के दो अम्लों द्वारा उदासीनीकरण पर ये प्राप्त होते हैं।

उदाहरण— विरंजक चूर्ण (CaOCl2)।

Know Double Salt Study Material In Hindi

द्वीक लवण

  • दो या दो से अधिक लवणों को मिलाने से ये प्राप्त होते हैं।
  • ये अपने अवयवी तत्वों के परिक्षण देते हैं।

उदाहरण— एलम या फिटकरी (K2SO4.Al2(SO4)3.24H2O) तथा मोर लवण (FeSO4(NH4)2SO4.6H2O)।

  • मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड का प्रयोग अम्लता के उपचार के लिए किया जाता है। चींटी या मक्खी के डंक में मेथेनोइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) उपस्थित होता है जिसके कारण चींटी या मक्खी के काटने पर दर्द या जलन का अनुभव होता है। इसके उपचार के लिए दुर्बल क्षार जैसे खाने के सोडे का प्रयोग किया जाता है। कुछ उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि अम्लीय हो जाता है जिसे उदासीन करने के लिए इसमें चूना मिलाया जाता है।

SSC CGL Study Material Sample Model Solved Practice Question Paper with Answers

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