SSC CGL TIER 1 Calcination Study Material In Hindi

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निस्तापन

SSC CGL TIER 1 Calcination Study Material In Hindi

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सान्द्रित अयस्क को उसके गलनांक से कम ताप पर, वायु की अनुपस्थिति या सीमित मात्रा में गर्म करने का प्रक्रम निस्तापन कहलाता है। यह सामान्यत: हाइड्रॉक्साइड या कार्बोनेट अयस्कों के लिए किया जाता है। इसे परावर्तनी भट्टी में किया जाता है।

Know Roasting Study Material In Hindi

भर्जन

सान्द्रित अयस्क की वायु की अधिकता में गर्म करने का प्रक्रम भर्जन कहलाता है। यह सल्फाइड अयस्क के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे परावर्तनी भट्टी (Reverberatory Furnace) में किया जाता है।

Flux For SSC CGL TIER 1

गालक

  • यह वह पदार्थ है, जो अगलनीय अशुद्धियों को गलनीय पदार्थ अर्थात् धातुमल (Slag) में परावर्तित कर देता है।
  • ये दो प्रकार के होते हैं— अम्लीय गालक; जैसे-SiO2 (ये क्षारीय अशुद्धि को दूर करने के लिए मिलाए जाते हैं), क्षारीय गालक; जैसे-CaO, MgO (ये अम्लीय अशुद्धि को दूर करने के लिए मिलाए जाते हैं।
  • विद्युत अपघटनी परिष्करण में, ऐनोड अशुद्ध धातु का बनाया जाता है तथा कैथोड शुद्ध धातु की पत्ती का बनाया जाता है।

Corrosion Study Material In Hindi

संक्षारण

  • यह किसी धातु की सतह का वातावरण के प्रभाव द्वारा ऑक्सीकारक अपक्षय (Oxidative deterioration) है। इस प्रक्रम के फलस्वरुप अनचाहे संक्षारण उत्पाद प्राप्त होते हैं। उदाहरण— लोहे की सतह का भूरे रंग की जंग (Fe2O3.xH2O) में परिवर्तन, सिल्वर का काला पड़ना (काले रंग के Ag2S के निर्माण के कारण), कॉपर तथा ब्रॉज की सतह पर हरे रंग (बेसिक कॉपर कार्बोनेट, (Cu(OH)2.CuCO3) की पर्त जमना आदि।
  • यह एक विद्युत रासायनिक प्रक्रम है।
  • लोहे की स्थिति में संक्षारण जंग लगना (Rusting) कहलाता है। यह प्रक्रम अशुद्धि, H+, विद्युत-अपघट्य जैसे NaCl, गैसें जैसे CO2, SO2, NO, NO2, आदि के द्वारा त्वरित होता है।

इससे निम्न प्रकार बचाव किया जा सकता है

  • विद्युत लेपन द्वारा
  • सतह लेपन द्वारा (अर्थात् सतह पर तेल, ग्रीस, पेन्ट तथा वार्निश के लेपन द्वारा)
  • मिश्र धातु बनाकर
  • लोहे के गैल्वेनीकरण द्वारा (अर्थात् लोहे की सतह पर जिंक के लेपन द्वारा)
  • एल्युमीनियम की सतह पर एल्युमीनियम ऑक्साइड की पर्त जम जाती है जो इसकी पुन: संक्षारण से रक्षा करती है।

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मिश्र-धातुएँ

  • ये दो या दो से अधिक धातुओं अथवा एक धातु व अधातु का मिश्रण होती हैं।
  • इन्हें अमलगम कहा जाता है जब प्रयुक्त एक धातु पारा (mercury) हो।

Aqua-regia For SSC CGL TIER 1

अम्लराज

  • यह सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सान्द्र नाइट्रिक अम्ल का 3 : 1 अनुपात का मिश्रण है।
  • यह उत्कृष्ट धातुओं जैसे सोना तथा प्लेटिनम को घोलने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

प्रमुख मिश्र-धातुएँ, उनका संघटन तथा उपयोग

मिश्र-धातु

संघटन

उपयोग

सोल्डर टिन तथा लेड धातुओं को जोड़ने में
काँसा कॉपर तथा टिन बर्तन, मूर्तियाँ आदि बनाने में
बेल मैटल कॉपर, टिन घण्टे, पुर्जे बनाने में
गन मैटल कॉपर, टिन और जिंक बन्दूकें, हथियार, मशीनों के पुर्जे
पीतल कॉपर और जिंक तार, मशीनों के पुर्जे, बर्तन
एल्युमीनियम ब्रॉन्ज कॉपर और एल्युमीनियम सिक्के, सस्ते आभूषण
जर्मन सिल्वर कॉपर, जिंक और निकिल बर्तन, मूर्तियाँ
डेन्टल मिश्र धातु सिल्वर, मर्करी, जिंक, टिन दाँतों में भरने के लिए
स्टेनलैस स्टील आयरन, क्रोमियम, निकिल बर्तन, चिकित्सा के औजार
मैग्नेलियम मैग्नीशियम और एल्युमीनियम वायुमान तथा जहाजों के निर्माण में

कुछ महत्वपूर्ण यौगिकों के उपयोग

फेरस ऑक्साइड (FeO) फेरस लवण तथा हरा काँच बनाने में।

फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3) सुनार का रुज बनाने में।

सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3) लुनार कॉस्टिक भी कहलाता है। वोटिंग के दौरान प्रयुक्त स्याही बनाने में।

सिल्वर आयोडाइड (Agl) कृत्रिम वर्षा के लिए।

मर्क्यूरिक क्लोराइड (HgCl2) कैलोमल बनाने में तथा विष के रुप में।

हाइड्रोजन परॉक्साइड (H2O2) ऑक्सीकारक व विरंजक के रुप में, कीटनाशक के रुप में। पुराने तेल चित्रों के रंगों को उभारने के लिए।

लेड परॉक्साइड (Pb3O4) को सिन्दूर भी कहा जाता है।

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