SSC CGL TIER 1 Bio technology Study Material In Hindi

SSC CGL TIER 1 Bio-technology Study Material In Hindi

SSC CGL TIER 1 Bio-technology Study Material In Hindi

जैव प्रौद्योगिकी

SSC CGL TIER 1 Bio-technology Study Material In Hindi

SSC CGL TIER 1 Bio-technology Study Material In Hindi

  • जैव प्रौद्योगिकी जीव विज्ञान की वह शाखा हैं, जिसमें सूक्ष्मजीवों या अन्य जीवों का प्रयोग कर पदार्थों का निर्माण किया जाता है या रोगों का निदान किया जाता है।
  • जैव प्रौद्योगिकों के द्वारा मानव इन्सुलिन (ह्रयूमुलिन) का उत्पादन किया जाता है, जिसे मधुमेह रोगियों की उपलब्ध कराया जाता है।
  • इसके द्वारा भ्रूण स्थानान्तरण, किण्वन आदि के द्वारा कई सुधार लाए जाते हैं। जैव उर्वरक वायुमण्डल की नाइट्रोजन को ग्रहण करके पौधों को प्रदान करते हैं, उदाहरण राइजोबियम एजोला, स्वतन्त्र जीवाणु।
  • जीन क्लोनिंग (Gene cloning) तकनीक के द्वारा एक कोशिका के गुणसूत्र मुक्त केन्द्रक को निकाल लिया जाता है। तथा इसे केन्द्रक रहित अण्डाणु में प्रतिस्थापित कर दिया जाता है। इस पूर्ण विकसित अण्डाणु को माँ के गर्भ में आरोपित कर दिया जाता है।

Bacteria and Milk Products Study Material In Hindi

जीवाणु तथा दुग्ध उत्पाद

पदार्थ

जीवाणु

बटर मिल्क लैक्टोबैसिलस वल्गेरिकस
योगहर्ट लैक्टोबैसिलस वल्गेरिकस + स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस
दही स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिक लैक्टोबैसिलस
पनीर लैक्टोबैसिलस लैक्टिस तथा स्ट्रेप्टोकोकस क्रिमोरिस
  • प्राकृतिक विधियों द्वारा उगाए जाने वाले भोजन को कार्बनिक भोजन कहते हैं।
  • स्तम्भ कोशिका (Stem Cell) में विभाजन व विभेदीकरण की क्षमता होती है, ये भ्रूणीय स्तम्भ कोशिका या परिपक्व स्तम्भ कोशिका हो सकती है, ये क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत में सहायक है।
  • डीएनए फिंगरप्रिन्टिंग का उपयोग विवादित जनकता के मामलों, अपराधियों की पहचान, प्रजातीय समूहों के सम्बन्धों को जानने के लिए किया जाता है।
  • आनुवंशिक अभियान्त्रिकी में सोच समझकर कृत्रिम विधियों द्वारा कोशिकाओं की आन्तरिक रुपरेखा का परिवर्तन किया जाता है। इससे रिकोम्बिनेन्ट डीएनए बनाने के लिए जीन का स्थानान्तरण होता है।
  • रेस्ट्रिक्शन एण्डोन्यूक्लिएस एन्जाइम के द्वार डीएनए को विशिष्ट स्थानों पर काटा जाता है। इसलिए इन्हें आण्विक कैचिया कहा जाता है।
  • हाइब्रिडोमा तकनीक के द्वारा मोनोक्लोनल एण्टीबॉडी का उत्पादन किया जाता है।
  • बीटी बैंगन व बीटी कपास मृदा में पाए जाने वाले जीवाणु बैसिलस थूरिन्जिएन्सिस के जीन युक्त होते हैं और कीटों के लिए प्रतिरोधक होते हैं।
  • सुपरबग (superbug) ऐसे जीवाणु होते हैं, जिनके ऊपर प्रतिजैविकों का कोई प्रभाव नहीं होता है, जैसे—डी एम—1 (न्यू डेलही) मोर्टालो बीटा लेक्टामेज-1
  • अभी तक ज्ञात ई. कोलाई तथा लेवसिएला न्यूमोनिया एन. डी.एम-1 जीन के वाहक हैं।
  • अप्रैल 2011 में सतत् जैविक प्रदूषकों के स्टॉकहोम कन्वेन्शन में एण्डोसल्फान को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है।
  • जीन चिकित्सा (Gene therapy) के द्वारा एक खराब जीन के स्थान पर सामान्य स्वस्थ कार्यात्मक जीन प्रतिस्थापित की जाती है जैसे SCID रोगियों में एन्जाइम एडीनोसीन डीएमिनेज के जीन में कमी के कारण कोई भी कार्यकारी T- लिम्फोसाइट रुधिर में नहीं पाया जाता। इसे जीन चिकित्सा के द्वारा सुधारा जाता है।
  • कुछ पौधों में प्रकाश-संश्लेषी क्षीर (Latex) में परिवर्तित हो जाता है तेल के उत्पादन में सहायक है उदाहरण यूर्फोबिएसी, एस्कलिपियेडेसी, एपोसाइनेसी, अर्टिकेसी, कम्पोजिटी आदि।
  • बायोडीजल (Biodisel) एक वैकल्पिक ईंधन है। इसे बनाने के लिए सोयाबीन, अलसी, महुआ, अरण्डी आदि से प्राप्त वसा या वनस्पति तेल की अभिक्रिया मिथाइल या इथाइल एल्कोहॉल से KOH या NaOH की उपस्थिति में करायी जाती है, जिससे मिथाइल एस्टर (बायोडीजल) तथा गिलीसरीन प्राप्त होता है।

Bacteria and Industrial Material For SSC CGL TIER 1

जीवाणु एवं औद्योगिक पदार्थ

पदार्थ

जीवाणु

एसीटोन-ब्यूटेनॉल क्लॉस्ट्रीडियम एसिटोब्यूटाइलिकम
लैक्टिक एसिड लैक्टोबैसिलस डेलब्रकी
लाइसिन माइक्रोकोकस गलूटैमिकस
इन्सुलिन तथा इन्टरफेरॉन रिकोम्बीनेन्ट ई. कोलाई
स्ट्रेप्टोकाइनेस स्ट्रेप्टोकोकस इक्वीसीमिलिस

Some Industrial Products Obtained From Fungi Study Material In Hindi

कवकों से प्राप्त होने वाले कुछ औद्योगिक उत्पाद

उत्पाद

कवक

सिट्रिक अम्ल एस्परजिलस नाइगर
फ्यूमेरिक अम्ल राइजोपस नाइग्रीकन्स
लैक्टिक अम्ल राइजोपस ओराइजी
जिबरैलिक अम्ल फ्यूसेरियम मोनिलीफॉर्म
जाइमेस सैकेरोमाइसिस जातियाँ
पेक्टीनेस एस्परजिलस वंटाई
बीयर, रम, स्कॉच, शराब सैकेरोमाइसिस जातियाँ

 

Differences Between Three Types Of Crops For SSC CGL TIER 1

तीन प्रकार की फसलों में अन्तर

विशेषता

खरीफ रबी

जायद

समय मध्य जून-जुलाई से अक्टूबर-नवम्बर अक्टूबर-नवम्बर से मार्च-अप्रैल अप्रैल-मई से जून-जुलाई
वातावरण अधिक ताप एवं आर्द्रता (बोते समय) अधिक ताप तथा शुष्क (काटते समय) कम तापक्रम व आर्द्रता (बीते समय) शुष्क एवं गर्म वातावरण (पकते समय) शुष्क एवं गर्म वातावरण
उदाहरण धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूँगफली, अरहर, मूँग, कपास सोयाबीन आदि। गेहूँ, चना, मटर, बरसीम, आलू, तम्बाकू आदि कद्दू वर्गीय अरहर, मूगँ, उड़द, लोबिया, टमाटर आदि

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