SSC CGL TIER 1 Bhartiya Arthvyastha 5 Year Plan Panch Varshiya Yojna Study Material in Hindi

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पंचवर्षीय योजनाएँ: एक दृष्टि में (Bhartiya Arthvyastha 5 Year Plan Panch Varshiya Yojna Study Material in Hindi)

पहली पंचवर्षीय योजना ( 1951- 56)हैरॉड- डोमर मॉडल पर आधारित)

लक्ष्य

कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करके उसका विकास करना, सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत करना, निवेश की मात्रा 5 से 7% तक बढाना, खाद्दान्न में आत्मनिर्भरता प्राप्त, करना शरणार्थइयों का पुनर्वास करना।

उपलब्धियाँ

कृषि उत्पाद में तीव्र वृद्धि राष्ट्रीय आय में 18% वृद्धि प्रतिव्यक्ति आय में 1.8% की वृद्धि लक्षित विकास दर 2.1% की अपेक्षा 3.6% की विकास दर प्राप्ति, कीमतों में स्थिरता
असफलताएँ

कुल रु 2378 करोड् के सशोधित व्यय का लक्ष्य रखा गया परन्तु वास्तविक रु 1960 करोड़ व्यय ही हुआ

 

दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956- 61) (महीलनोबिस मॉडल पर आधारित)

लक्ष्य

उद्दोगों के तीव्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता सामाजिक व्यवस्था को बढ़ावा देना जिसका कांग्रेस ने अवधी सम्मेलन में अनुमोदन किया था।

राष्ट्रीय आय में 25% की वृद्धि करना। असमानताओं को कम करके रोजगार के अवसर सृजन करना 7 से 11% तक कीनिवेश दर में वृद्धि करना

उपलब्धियाँ

लक्षित विकास दर 4.2% की अपेक्षा 4.5% की विकास दर प्राप्त

दुर्गापुर (ब्रिटेन), भिलाई (सोवियत संघ) और राउरकेला (जर्मनी) में लौह इस्पात संयन्त्रों की स्थापना।

परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापनाय़।

असफलताएँ

विदेशी विनिमय दर के निम्न होने से विकास दर प्रभावित ।

महँगाई एवं कम कृषि उत्पादन से र्थइक विकास प्रभावित ।

 

तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961 -66)

लक्ष्य

अर्थव्यवस्था को स्वावलम्बी एवं स्पस्फूर्त विकास करने योग्य बनाना कृषि एवं मूलभूत उद्दोगों का विकास करना।

राष्ट्रीय आय में 30% तथ3 प्रति व्यक्ति आय में 17% की वृद्धि करना

सन् 1965 के भारत- पाकिस्तान युद्ध के कारण चतुर्थ योजन 3 वर्ष की देरी से शुरु हुई। इस दौरान (1966- 69) तीन वार्षिक योजनाएँ चलाई गई

उपलब्धियाँ

आर्थिक संवृद्धि दर 2.3% वार्षिक प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि 0.1% वार्षिक।

असफलताएँ

भारत –चीन  (1962) तथा भारत –पाक (1965) युद्धों के कारण आर्थिक विकास प्रभावित

चतुर्थ पंचवर्षीय योजना तीन वर्षों के लिए स्थगित

लक्षित विकास दर 5.6%, प्राप्त 2.8%।

1956- 66 में पडे भीषण अकाल के कारण योजना असफल

चौथी पंचवषीय योजना (1969- 74)

लक्ष्य

स्थिरता के साथ आर्थिक विकास एवं आत्मनिर्भरता की प्राप्ति।

राष्ट्रीय आय एवं रोजगार सृजन में वृद्धि, पिछड़े क्षेत्रों का तीव्रता से विकास करना।

सामाजिक न्याय के साथ विकास और गरीबी हटाओं कार्यक्रम जोड़ा गया।

उपलब्धियाँ

पहले दो वर्षों में योजना सफल।

हरित क्रान्ति के कारण खाद्दान्न उत्पादन मे वृद्धि।

असफलताएँ

लक्षित विकास दर 5.5% की अपेक्षा 3.3% विकास दर प्राप्ति।

1917 के तेल संकट तथा बांग्लादेशी शरणार्थोयों के संकट के कारण योजना असफल।

पाँचवी पंचवर्षीय योजना (1974- 79)

लक्ष्य

सी. सुब्रमण्यम द्वार निर्मित प्रत्यक्ष आर्थिक विकास वृद्धि का मॉडल अपनाना।

डी. पी. धर द्वारा गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य स्वीकार गया।

आत्मनिर्भरता की प्रस्तुति हेतु वृद्धि की उच्च दर बढावा देना।

उपलब्धियाँ

लक्षित विकास दर 4.4% की अपेक्षा 5% की प्राप्ति

असफलताएँ

1971- 72 की कीमतों में वृद्धि के कारण योजना असफल।

यह योजना 1978 में, एक वर्ष पहले ही जनता पार्टी की सरकार ने समाप्त कर दी थी।

छठी पंचवर्षीय योजना (1980-85)

लक्ष्य

कृषे एवं उद्दोगों के तीव्र विकास दर द्वारा गरीबी निवारण

न्यूनतम आवश्यता कार्यक्रम द्वारा निम्नतम आय वर्गो की आय बढाना।

विकास के लिए विभिन्न योजनाएं शरु करना।

उपलब्धियाँ

भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बन गई।

अधिकाशं निर्धारित लक्ष्यों की प्रप्ति।

5.2% की लक्षित विकास दर की अपेक्षा 5.7% की प्राप्ति।

असफलताएँ औद्दोगिक क्षेत्र में निर्धारित विकास दर की अपेक्षा बहुत कम दर से वृद्धि हुई

 

सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-90)

लक्ष्य

खाद्दान्न उत्पादन की स्थिरता को दूर करना, रोजगार के अवसर सृजित करना।

कृषि के उत्पादन को बढाना।

उपलब्धियाँ

भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा प्रो. राजकृष्णा की हिन्दी विकास दर की अवधारणा को परा करना।

खाद्दान्न उत्पादन में 5.4% लक्षित विकास दर की अपेक्षा 5.8% की प्राप्ति।

असफलताएँ

औद्दोगिक उत्पादन 8.1% रहा जो 8.3% के निर्धारित लक्ष्य से कम था।

आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97)

लक्ष्य

आठवीं पंचवर्षीय योजना, केन्द्र में रारजनीतिक अस्थिरता के कारण हो वर्ष देर से शुरु हुई । इस दौरान 1990-92 के बीच दो वार्षिक योजनाएँ चलाई गई।

विभिन्न पहलुओं में मानव विकास करना तथा आम रजनता को मानक जीवन स्तर उपलब्ध कराने के अर्थव्यवसथा में बदलाव लाना।

उपलब्धियाँ लक्षित विकास दर 5.6 % की अपेक्षा 6.4% की विकास दर की प्राप्ति।

व्यापार एंव भुगतान असन्तुलन की स्थिति में सुधार

राजकोषीय घाटे में सुधार

कृषि औद्दोगिक विकास दर एवं विदेशी निवेश में वृद्धि

असफलताएँ

सामाजिक- आर्थिक विकास संकेतकों की धीमी वृद्धि

रोजगार सृजन में वृद्धि नही।

नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002)

लक्ष्य

सामाजिक समानता एवं न्याय की स्थापना के साथ वृद्धि करना।

महीलाओं, पिछडे वर्गो, अनुसूचित जाति तथा जनजाति के कल्याण के लिए प्रायास करना

असफलताएँ

विश्वव्यापी आर्थिक नन्दी के कारण आर्थिक विकास दर प्रभावित।

लक्षित विकास दर 6.5% की अपेक्षा 5.4% की विकास दर की प्राप्ति के कारण यह जोजना असफन रही।

कृषि क्षेत्र में विकास दर 2.1% जबकि लक्षित विकास दर 4.2% थी

 

दसवीं पंचवर्षी योजना (2002-07)

लक्ष्य

8% की आर्थिक विकास दर हासिल करना, रोजगार के अवसर सृजित करना, सभी गाँवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना।

उपलब्धियाँ

लक्षित विकास दर 8% की उपेक्षा 7.8% की विकास दर प्राप्त वास्तविक बचत और निवेश में लक्ष्यों से अधिक वृद्धि

कृषि, उद्दोगों व सेवा में प्राप्त संवृद्धि, लक्ष्यों के काफी निकट

असफलताएँ

निर्यात संवृद्धि में 23.2% की वृद्धि जो लक्षित 12.4% से काफी अधिक थी।

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना(2007-12)

लक्ष्य

9% की आर्थिक विकास दर हासिल करना।

समावेशी विकास को प्राथमिकता

साक्षर बेरोजगरी को 5% से कम करना

साक्षारता दर को 85% तक करना

उपलब्धियाँ

7.9% की विकास दर की प्राप्ति

बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-17)

लक्ष्य

9% की आर्थिक विकास दर के साथ त्वरित , सतत् एवं समावेशी विकास।

सितम्बर , 2012 में इस लक्ष्य को घटाकर 8.2% कर दिया गया

कृषि क्षेत्र में 4%वृद्धि दर का लक्ष्य सकल घरेलू बचत दर 34.2% करने का लक्ष्य

औसत राजकोषीय घाटो कुल जीडीपी के 3.25% तक लाने का लक्ष्य।

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पंचवर्षीय योजनाएँ: एक दृष्टि में (Bhartiya Arthvyastha 5 Year Plan Panch Varshiya Yojna Study Material in Hindi)

 
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