Shiksha Mitra Umar Seema Chhut Supreme Court Latest News in Hindi

Shiksha Mitra Umar Seema Chhut Supreme Court Latest News in Hindi

Shiksha Mitra Umar Seema Chhut Supreme Court Latest News in Hindi : New Delhi Uttar Pradesh के शिक्षा मित्रो को नियमित किये जाने के खिलाफ 8 May 2017 को Supreme Court में सुनवाई की गयी | सुनवाई के दौरान Suprme Court ने यह कहा की करीब 1.75 शिक्षा मित्र पिछले 17 साल से Schools में पढ़ा रहे है, जिसका उन्हें कुछ न कुछ विटेज मिलना चाहिए | ज्स्ट्स आदर्श साथ में जस्टिस युयु की पीठ का यह कहना था की उम्र सीमा में छूट दिए जाने के आलावा शिक्षा मित्रो को शिक्ष्ण अनुभव का विटेज Teachers Bhart आवेदन करते समय दिया जाना चाहिए |

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Supreme Court द्वारा इस सकारात्मक टिपन्नी को जब किया गया तब B.Ed व UPTET पास किये हुए अभ्यर्थीयो के वकील द्वारा कहा गया की शिक्षा मित्र UP Basic के शिक्षा के कानून के अनुसार Teachers नही है | शिक्षा मित्रो को UP Government द्वारा पीछे के रस्ते से प्रवेश मिला है | शिक्षा मित्रो को केवल उर्म सीमा में ही छूट दिए जाने का प्रावधान है | लेकिन Court ने इसपर टिप्पणी देते हुए कहा की यदि यह Teachers नही है तो फिर ये कौन है आप Court को इनका वर्क Profile बताइए | शिक्षा मित्रो का वर्क Profile तो यही है की वे पिछले 17 वर्षो से Schools में पढ़ा रहे है | और इनका यह अनुभव ही TET and BEd से भी ज्यादा मायने रखता है, जो की केवल 2 ही साल के कोर्स है |

दूरस्थ BTC Teachers संघ जे वकील द्वारा यह कहा गया की 50 हजार से भी अधिक शिक्षा मित्र पूरी योगता के अनुरूप आते है और यह TET भी किये हुए है | BEd उम्मिदवारो के वकीलों द्वारा यह कहा गया की Teachers बनने के योग्य 2 लाख से भी अधिक अभ्यर्थी है | BEd उमिद्वारो के वकीलों ने यह भी कहा की शिक्षा के अधिकार कानून, 2010 के लागू किये जाने के बाद से सरकार ने अभी तक कोई भी ऐसा शपथ पत्र पेश नही किया है, जिस शपथ पत्र में यह कहा गया हो की योग्य उम्मीदवार नही होने की वजह से शिक्षा मित्रो को Schools में रखना पड़ा था |

Court द्वारा पहले क्या कहा गया था पिछले सुनवाई के दौरान Supreme Court ने टिप्पणी की थी शिक्षा मित्रो की नियुक्ति संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नही है | उमादेवी फैसले (2006) के तहत इन नियुक्तियों को अवैध ठहराया गया है | Court द्वारा यह कहा गया था की शिक्षा मित्रो को भर्ती में बैठने के लिए केवल उर्म सीमा में छूट दी जा सकती है | Allahabad High Court द्वारा इन नियुक्तियों को 2 वर्ष पूर्व अवैध ठहराया गया है | शिक्षा मित्रो की मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी |

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