Shiksha Mitra 17000 Mandey Salary Order Latest News in Hindi

Shiksha Mitra 17000 Mandey Salary Order Latest News in Hindi

Shiksha Mitra 17000 Mandey Salary Order Latest News in Hindi : उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का जो मानदये बढ़ाने के लिए सरकान ने जो आदेश जारी किया थ उसे फर्जी बताया जा रहा है। जिससे शिक्षामित्रों में इस बात को लेकर खलबली मच गई है। आप को बता दे कि समायोजित शिक्षामित्रों का मानदेय 17000 रुपये तय करने से संबंधित फर्जी आदेश व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। मंगलवार दोपहर को इस (Whats App-Group) वायरल हुए इस आदेश में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के नकली हस्ताक्षर हैं, जो कि समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित है।
Shiksha Mitra 17000 Mandey Salary Order Latest News in Hindi

Shiksha Mitra 17000 Mandey Salary Order Latest News in Hindi

Shiksha Mitra 17000 Mandey के झूट का मामला सचिव तक पहुंचा | 

इस मामले की जानकारी जब पता चली जब यह मामला सचिव तक पहुंचा, तब जाकर उनको इस फर्जी आदेश की जानकारी हुई। और इसके बाद सचिव ने इस मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भेजी है। आप सभी को बता दे के 25 जुलाई को सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद सरकार ने तकरीबन 1.37 लाख शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद से हटा दिया। यही कारण है कि इससे नाराज शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में पठन-पाठन बंद करके प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। औऱ इससे पिछले सप्ताह शिक्षा मित्रों का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध मं् लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिला था। इस लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी ने शिक्षा मित्रों से उनके हित में निर्णय लेने के लिए तकरीबन 15 दिन का वक्त मांगा था और साथ उन्हे शिक्षण कार्य पहले की तरह करते रहने की अपील की थी।

मुख्यंत्री ने Shiksha Mitra को आश्वासन दिया 

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षामित्र विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने में भी जुट गए लेकिन मंगलवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी आदेश शिक्षा मित्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया। और साथ ही आप को बता दै कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी पत्रांक: बे.सि.प/9460-9640/2017-18 दिनांक 8.8.2017 में लिखा गया है कि 25 जुलाई को समायोजित शिक्षा मित्रों के संबंध में पारित आदेश के उपरांत से प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों के समक्ष रोजी-रोटी का प्रश्न आ खड़ा हुआ है। अत: मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों का मानदेय तत्काल प्रभाव से 17000 रुपये नियत किया जाता है। उक्त के में प्रदेश के समस्त बीएसए को आदेशित किया जाता है कि वे अपने जनपद के सभी समायोजित शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में उक्त मानदेय पर अविलम्ब कार्यभार ग्रहण करवा कर आख्या शासन को प्रेषित करें। और यदि आपके जनपद का कोई समायोजित शिक्षामित्र उक्त मानदेय पर अपना कार्यभार सात कार्यदिवसों के भीतर ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाए। सोशल मीडिया पर शिक्षामित्रों के 17 हजार रुपये मानदेय देने की सूचना वायरल होने के बाद अंबेडकरनगर जिले के शिक्षामित्रों में हड़कंप मच गया।

Shiksha Mitra फर्जी मानदेय latest News in Hindi 

कई ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी शुरू कर दी। सक्रिय हुए शिक्षामित्र संगठनों के पदाधिकारियों ने इसकी जांच की तो पता चला कि सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के नाम से जो पत्र सोशल मीडिया पर शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर वायरल हो रहा है वह फर्जी है। न्यायालय द्वारा समायोजन रद्द करने के बाद आंदोलित हुए शिक्षामित्र पिछले कुछ दिनों से शांत थे। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया था। कि सरकार उनके हितों को लेकर गंभीर है। इस बीच मंगलवार को सोशल मीडिया पर सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के नाम से एक पत्र वायरल होने लगा। इसमें उल्लेख था कि समायोजित शिक्षामित्रों को सरकार 17 हजार रुपये मानदेय देने को तैयार है। और साथ ही हमे पता चला है कि उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष केके दुबे ने बताया कि इसके बारे में अफसरों से बात करने पर मामले पूरी तरह फर्जी होने की बात पता चली। जिसके लिए उन्होंने कहा, शिक्षामित्रों को सरकार पर भरोसा और फैसले का इंतजार है।

शोशल मिडिया पर वायरल हुआ Shiksha Mitra 17000 मानदेय Salary

साथ ही वहीं, सीतापुर में सोशल मीडिया पर मानदेय 17 हजार रुपये होने का मैसेज वायरल हो गया। और कुछ ही मिनटो में यह मैसेज ज्यादा से ज्यादा ग्रुपों में चलने लगा। औऱ जब इस मैसेज के बारे में पुरी तरह से जानकारी प्राप्त हुई तो इसकी तस्दीक करने पर पता चला कि ये मैसेज पूरी तरीके से फर्जी है। जिसे देखकर हालांकि इससे काफी देर तक शिक्षामित्रों में खलबली मची रही। औऱ वे सभी एक-दूसरे को फोन करके इस मैसेज की हकीकत करने में जुट रहे। औऱ आप सभी को मालूम हो कि, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। जिसके बाद आंदोलित शिक्षामित्रों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त तक इस समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया था। इसी बीच मंगलवार को किसी ने एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

शासन ने की शिक्षा मित्रों के मानदेय की पुष्टि 

इस मैसेज से शिक्षामित्रों में खलबली मच गई। वह इसकी सत्यता जानने के लिए अधिकारियों को फोन करने लगे। और बाद में इसकी सही जानकारी पता करने पर पता चला कि जिस आदेश का वायरल हो रहा है वह मैसेज पूरी तरीके से नकली और गलत है। शासन द्वारा इस प्रकार का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि, शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर जो मैसेज सोशल मीडिया पर चल रहा है वह फर्जी है। शासन की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। और जिस किसी ने भी यह मैसेज किया है उसकी जानकारी के लिए टीम पता चला रही है। इसके बारे में जल्द से जल्द पता चल जायेगा 

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