reservation in promotion in up supreme court latest news in hindi

reservation in promotion in up supreme court latest news in hindi

UP 8 March 1973  Reservation Continued Year 1994, The Supreme Court 16 November 1992 in Abolished reservation in promotion, Given Blow 

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reservation in promotion in up supreme court latest news in hindi: Uttar Pradesh में 8 March 1973 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारियो व कर्मचारियो को प्रोन्नति में आरक्षण देने की व्यवस्था लागू की गयी ! यह व्यवस्था 1994 तक चलती रही ! इसी बीच इंदिरा साहनी केस में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने 16 November 1992 को संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार की रक्षा का तर्क देते हुए पदोन्नति में आरक्षण समाप्त कर दिया ! साथ ही राज्य सरकारों से अपेक्षा की कि वे पाँच वर्षो में नियमो में परिवर्तन करके पदोन्नति में आरक्षण को समाप्त करे, पर UP में सपा व बसपा की साझा सरकार ने इसे रदद् करने के बजाय 1994 में एक आदेश के जरिये पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को अगले आदेशो तक बढ़ा दिया ! उधर तत्कालीन केन्द्र सरकार ने 17 जून 1995 को 77वे संविधान संशोधन के जरिये प्रोन्नति में आरक्षण का अधिकार राज्य सरकार को दे दिया ! इसके तहत प्रमोशन में आरक्षण फिर लागू हो गया !

प्रमोशन में आरक्षण के साथ सीनियरिटी का लाभ : अगड़े व पिछड़े अधिकारियो व कर्मचारियो के सन्गठन इसका विरोध कर ही रहे थे की वर्ष 2001 में केन्द्र के तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान में 85वां संशोधन करते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सरकारी धिकारियो व कर्चारियो का प्रमोशन में आरक्षण के साथ परिणामी ज्येष्ठता का लाभ भी दे दिया ! इस फैसले के खिलाफ कर्नाटक के एम. नागराज ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी ! न्यायालय ने सुनवाई तो जारी रखी लेकिन कोई व्यवस्था नही दी माया ने लागू किया ! 18 अक्टूबर 2002 को मायावती सरकार ने सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली 1991 में संशोधन कर 17 जून 1995 से अनुसूचित जाति तथा जनजाति के कर्मचारीयों व अधिकारियो को पदोन्नति में सीनियरिटी देने की व्यवस्था की ! मायावती के बाद सत्ता में आई मुलायम सरकार ने 2005 में इसे रदद् कर दिया ! वर्ष 2007 ने प्रदेश में फिर सत्तारूढ़ हुई मायावती सरकार ने इस वर्ग को परिणामी ज्येष्ठता लाभ देने के लिए सेवा नियमावली में 8 (ए) जोड़ा ! इसमें यह व्यवस्था की गयी की पदोन्नति पाने वाले कर्मचारी या अधिकारी इस व्यवस्था के तहत प्रमोशन पाने के प्रमोशन पाने के साथ सीनियरटी (परिणामी ज्येष्ठता) भी पा जायेगा ! गामिन अभियंत्रण सेवा और पावर कॉरपोरेशन सहित कई विभागों के सामान्य वर्ग के लगभग 50 अधिकारियो व कर्चारियो ने उच्च न्यायालय में 8 (ए) जोड़े जाने को चुनौती दी !

क्या है पदोन्नति में आरक्षण : अगर 100 पद है तो उनमे 21 प्रतिशत पर अनुसूचित जाति के लोगो को और 2 प्रतिशत पर अनुसूचित जनजाति के लोग पदोन्नत होंगे ! शेष पर सामान्य वर्ग के लोगो की पदोन्नति होगी ! अगर कही आरक्षित वर्ग का कोई अधिकारी या कर्मचारी पदोन्नति पाने की शर्त पूरी कर रहा है ! तो उसे उपर के पद पर भी पदोन्नति दी जा सकती है !~ सर्वजन हिताय संरक्ष्ण समिति का तर्क है की नौकरी में जब आरक्षण मिल चूका है टी पदोन्नति में देने से ज्येष्ठाता का सिद्धान्त प्रभावित होता है !

क्या है परिणामी ज्येष्ठता : अनुसूचित जाती या अनुसूचित जन जाती के अधिकारी-कर्मचारी को पदोन्नति के पद पर भी वरिष्ठता का लाभ देना ! उदहारण के तौर पर सामान्य या पिछड़े वर्ग के दो लोग 1 जनवरी 1999 को सहायक अभियंता पद पर नियुक्त हुए ! अनुसूचित जाति का एक व्यक्ति 1 जनवरी 2000 को नियुक्त हुआ ! अनुसूचित जाति के सहायक अभियंता की 1 जनवरी 2005 को अधिशासी अभियन्ता पद पर पदोन्नति हो गयी ! उससे एक वर्ष पहले नियुक्त सामान्य व पिछड़े वर्ग के सहायक अभियन्ता को 1 जनवरी 2008 में पदोन्नति मिली तो अनुसूचित जाति का अभियंता सामान्य व पिछड़े वर्ग के अभियंता से तीन साल सीनियर मान लिया जाएगा ! यही नही पूरी नौकरी के दौरान उसे इस ज्येष्ठता का लाभ मिलता रहेगा !

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One comment on “reservation in promotion in up supreme court latest news in hindi
  1. surendra jain koshal says:

    सरमनाक

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