MBBS and BDS Application Form latest News in Hindi

MBBS and BDS Application Form latest News in Hindi 

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MBBS and BDS Application Form latest News in Hindi

MBBS and BDS Application Form latest News in Hindi: प्रदेश सरकार ने निजी मेडीकल व डेंटल कॉलेजों की आधी सीटों पर प्रवेश के लिए सब्सिडाइजड शुल्क लेने का फैसला किया है ! सरकार काउन्सलिंग कर सीटें आवंटित भी कर रही है, किन्तु प्राइवेट कॉलेजों द्वारा COURT के फैसले का इंतजार करने के कारण प्रवेश फंस गया है ! प्रदेश के सरकारी व निजी मेडीकल व डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस बार नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(National Eligibility Entrance Test) का आयोजन हुआ था !

प्रदेश सरकार ने निजी कॉलेजों की काउंसिलिंग भी साथ-साथ कराने का फैसला लिया था,किन्तु शुल्क को लेकर मामला फंसा था ! इस पर सरकार ने काउंसिलिंग शुरु होने से एक दिन पहले निजी मेडीकल व डेंटल कॉलेजों की आधी सीटें नीट काउंसिलिंग के माध्यम से सरकारी फ़ीस पर भरने का फैसला लिया था ! प्रदेश के 24 निजी मेडीकल कॉलेजों में MBBS की 3100 व 23 निजी डेंटल कॉलेजों में BDS की 2300 रूपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया था ! निजी क्षेत्र में MBBS की 1550 SHEETS के लिए कालेजवार 17 LAKHS से 21 LAKHS रूपये के बीच और 1150 BDS SHEETS के लिए 3 LAKHS से 6 LAKHS के बीच शुल्क निर्धारित कर दिया गया है !

इस शुल्क के बाद नीट की काउंसिलिंग में बहार सी आ गयी थी ! परिणाम स्वरूप कुछ निजी कॉलेजों की सब्सिडाइजड सीटें तो कुछ नए खुले सरकारी कॉलेजों से पहले भरने लगी ! विद्यार्थी जब इन कॉलेजों में पहंचे तो वहां प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया ! साथ ही निजी कॉलेजों ने समानांतर काउंसिलिंग भी शुरु करा दी ! इस पर जिलाधिकारियों के माध्यम से छापे डलवाकर शासन ने रोक लगायी किन्तु कॉलेजों ने नीट काउंसिलिंग से आवंटन पत्र लेकर पहंचे विद्यार्थियों को प्रवेश फिर भी नहीं दिए ! अब मामला अदालत में है और दोनों पक्ष इंतजार कर रहे है ! इस संबंध में U.P. अनएटेट मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष देवमूर्ति का कहना है कि एसोसिएशन ने आधे विद्यार्थियों पर बोझ बढने का तर्क देकर अदालत से गुहार की है !

दरअसल एक ही परिक्षा से सफल होकर कुछ विधार्थी 36000 शुल्क दे और एक-दो नम्बर से पीछे रह गए विधार्थी उनका खर्च उठाते हुए दोगुना यानी 21 लाख रूपये तक शुल्क दे, इस बिंदु का विरोध हुआ है ! अभी पहंचने वाले विद्यार्थियों की ‘रिपोर्टिग तो सभी कॉलेजों ने स्वीकार कर ली है किन्तु प्रवेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही होगा ! इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी का कहना है कि विद्यार्थी नॉन सब्सिडाइजड सीटों पर भी प्रवेश ले रहे है ! उन्होंने उम्मीद जताई की अदालत का फैसला विद्यार्थियों के हक में ही होगा और सरकार के फैसले से ऐतिहासिक रूप से विद्यार्थी लाभान्वित होगें !

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