Dr Bhim Rao Ambedkar University PhD MPhil Admission to Below 50 Percent Candidates

Dr Bhim Rao Ambedkar University PhD MPhil Admission to Below 50 Percent Candidates

Dr Bhim Rao Ambedkar University PhD MPhil Admission to Below 50 Percent Candidates :

50% से कम Marks वाले अभ्यर्थियों को भी मिल रहा है पीएचडी (Ph.D) में Admissioin. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University) में पीएचडी (Ph.D) और एमफिल (MPhil) में होने वाले Admissions में विभागध्यक्ष (Head of the Department) मनमानी ही कर रहे हैं|

Dr Bhim Rao Ambedkar University PhD MPhil Admission to Below 50 Percent Candidates

Dr Bhim Rao Ambedkar University PhD MPhil Admission to Below 50 Percent Candidates

विश्वविद्यालय ने इस बार से पीएचडी (Ph.D) और एमफिल (Mphil) के लिए नया ऑर्डनेंस लागू कर दिया गया हैं| इस ऑर्डनेंस के तहत प्रवेश परीक्षा (Entrance Examinations) में 50% से कम Marks वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश (Admission) नही मिलने का नियम हैं| इसके बावजूद बीबीएयू (बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय) के कई विभागों ने 50% से कम Marks वाले अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार(Interview) के लिए बुला लिया हैं| जबकि नियम के अनुसार निर्धारित अर्हता (Prescribed Qualification) से कम Marks वाले अभ्यर्थी Interview में भी शामिल नही हो सकते है| बीबीएयू (बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय) के Economics Department ने Website पर पीएचडी (Ph.D) में चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की हैं|
इस List में वकार अहमद और नीनावथ प्रवीण के 50% से कम Marks होने पर भी List में शामिल कर लिया गया हैं| वही दूसरी तरफ History की एमफिल (Mphil) की List में जाफर, जगदीश प्रसाद, सुधा सरन, हीरालाल प्रसाद और शोभा राम का नाम List में कम Marks होने के बाद भी शामिल किया गया हैं| सूत्रों के मुताबिक इन दों Departments की List के बाद कई अन्य Department भी कम Marks वाले अभ्यर्थियों को शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं|

Entrance Examinations on New Ordnance :

कम Marks वाले अभ्यर्थियों को शामिल करने पर कुछ विभाग तर्क दे रहे हैं, की इस बार जो प्रवेश परीक्षा (Entrance Examinations) हुईं है वो नए ऑर्डनेंस के आधार पर नही हुई हैं| जबकि ऑर्डनेंस में प्रवेश परीक्षा (Entrance Examinations) भी उसी के मुताबिक होनी हैं| इसलिए जब प्रवेश परीक्षा में इसका पालन नही किया गया तो Admission भी पुराने ऑर्डनेंस पर ही लिए जायेगे| हालांकि इस मामले पर विवि के प्रवक्ता प्रो. गोविन्द जी पांडेय का कहना है की विवि अकेड़मिक काउंसिल (Academic Council) ने नया ऑर्डनेंस लागू कर दिया गया हैं और कमिटी (Committee) प्रवेश परीक्षा (Entrance Examinations) के बाद हुई थी| ऐसे में जब कमिटी (Committee) ने लागू कर दिया तो Departments को भी इसका पालन करना होगा| Admission नए
ऑर्डनेंस के आधार पर ही लिए जायेगे|

यूजीसी (UGC) अगले महीने करेगा बीबीएयू का Audit :

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University) में अगले महीने यूजीसी (UGC) की Team Audit के लिए आ रही हैं| इसमें वह बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University) की शैक्षणिक उपलब्धियों (Academic Achievements), इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और वित्तीय पक्ष (Financial side) की जाँच करेगी|

इसके लिए विभिन्न Departments के जिम्मेदारो ने दस्तावेजों (Documents) में सुधार शुरू कर दिया गया हैं| वीसी ने निर्देश दिए है की कमिटी (Committee)के सामने प्रस्तुत करने के लिए दस्तावेजों (Documents) को एकत्रित कर लिया जाए|

दिखाना होगा ग्रांट का उपयोग :

विवि व विभिन्न Departments को यूजीसी (UGC) की तरफ से जो भी ग्रांट दी गयी हैं, उसके उपयोग की जाच की जाएगी| इस ग्रांट को Department ने कहा खर्च किया और कितना सही है ये भी विभागों (Departments) को दिखाना होगा| इसके बाद विवि के वित्त विभाग (Finance Department) की ओर से पूरे साल में कितना खर्च किया गया हैं और Fees आदि से जितनी आमदनी हुई हैं उसका ब्योरा Team के सामने रखना होगा| ऐसे में वीसी की और से कोशिश की जा रही है जो भी ग्रांट हैं इसका उपयोग कर लिया जाए|

इसी पर निर्भर है अगले साल का ग्रांट :

यूजीसी (UGC) की इस Team के निरीक्षण पर ही बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University) के अगले साल की ग्रांट निर्भर करती है| ग्रांट के सही उपयोग पर ही अगले साल उस ग्रांट को जारी किया जाता है| वहीं विवि के तरफ से अगर ग्रांट का उपयोग नही किया गया तो वो ग्रांट तो वापस ले ही जाती है साथ ही अगले साल की उस ग्रांट को भी खत्म कर दिया जाता हैं|
यूजीसी (UGC) की की ओर से विवि को दी गयी ग्रांट का उपयोग अभी तक नही किया गया है| विवि को स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर (Student Facility Center) बनाने के लिए लगभग 10 crore रुपए की ग्रांट मिली थी| लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नही किया गया है| ऐसे में अगर विवि इस ग्रांट का उपयोग नही करती है तो वो खत्म हो जाएगी| हलाकि विवि के Prof. RC Sobti ने बताया कि अगले महीने यूजीसी (UGC) में वह प्रेजेंटेशन देने जा रहे है जिसमे स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर (Student Facility Center) बनवाने का पूरा खाका प्रस्तुत करेंगे|

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