68500 Assistant Teacher Bharti Pratyaya Suffix Study Material in Hindi

68500 Assistant Teacher Bharti Pratyaya Suffix Study Material in Hindi

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प्रत्यय (Suffix)

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

Very Short Question Answer

68500 Assistant Teacher Bharti Pratyaya Suffix Study Material in Hindi

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प्रश्न – प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – प्रत्यय उपसर्गों की तरह अविकारी शब्दांश हैं, परंतु इन्हें शब्दों के उपरान्त जोड़ा जाता है। जैसे- भला शब्द में आई प्रत्यय लगने से भलाई शब्द बनता है और यहां ‘आई’ प्रत्यय है।

प्रश्न – प्रत्यय कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर – प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं- (1) कृदन्त या कृत प्रत्यय और (2) तद्धित प्रत्यय।

प्रश्न – कृदन्त कृत प्रत्यय क्या हैं?

उत्तर – मूल क्रिया के अन्त में जिन प्रत्ययों का प्रयोग होता है, वे कृत प्रत्यय कहलाते हैं और उनके संयोग से बने शब्द कृदन्त कहलाते हैं। जैसे- कह + ना = कहना, हंस + ना = हंसना।

प्रश्न – तद्धित प्रत्यय क्या है?

उत्तर – इस प्रत्यय का प्रयोग मूल क्रिया शब्दों के अलावा संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण शब्दों के साथ (अन्त में) होता है। जैसे- अर्थ + इ = अर्थी, अनेक + ता = अनेकता।

प्रश्न – कृदन्त प्रत्यय के कितने भेद हैं?

उत्तर – कृदन्त प्रत्यय के मुख्यत: छ: प्रकार हैं। वे हैं-

  1. भाववाचक कृदन्त,
  2. कर्तृवाचक कृदन्त,
  3. कर्मवाचक कृदन्त,
  4. करणवाचक कृदन्त,
  5. कर्तृवाचक कृदन्तीय विशेषण एवं
  6. क्रियाघोतक कृदन्तीय विशेषण

प्रश्न – भाव वाचक कृदन्त प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – ऐसे कृदन्त शब्द जिनके द्वारा क्रियाओं के भाव का स्पष्टीकरण हो, भाव-वाचक कृदन्त प्रत्यय कहलाते हैं। ये कृदन्त शब्ध धातु के मूल के अन्त में आ, आई, आन, आव, आस, ई, औनी, त, ती, न्ती, न, नी, र, वट, हट आदि प्रत्ययों के जोड़ने से बनती है।

प्रश्न – कर्तृवाचक कृदन्त प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – ऐसे कृदन्त शब्द जिनसे क्रिया करने वाले का बोध हो कर्तृवाचक कृदन्त प्रत्यय कहलाते हैं। ये कृदन्त शब्द धातुओं में अक, अक्कड़, आ, आक, आकू, इया, ऊ एरा, ऐया, ऐत, ओड़ा, वैया, सार आदि प्रत्ययों के परिणामस्वरुप बनते हैं।

प्रश्न – क्रमवाचक कृदन्त प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिस कृदन्त शब्दों से क्रिया के कर्म के स्वरुप का बोध होता है, कर्मवाचक कृदन्त प्रत्यय कहलाते हैं। ये कृदन्त शब्द धातुओं के अन्त में आना, आवत, औना, औनी, ना, नी आदि प्रत्यय जोड़ने से बनते हैं।

प्रश्न – कारण वाचक कृदन्त प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – ऐसे कृदन्त शब्द जिनसे किसी के साधन का अभिज्ञान होता है, करणवाचक कृदन्त प्रत्यय कहलाते हैं। ये कृदन्त शब्द धातुओं के अन्त में आ, ई, ऊ, न, नी आदि प्रत्यय जोड़कर बनाये जाते हैं।

प्रश्न – कर्तृवाचक कृदन्तीय विशेषण क्या है?

उत्तर – ऐसे कृदन्त शब्द जिनसे क्रिया के विशेषण का बोध होता है उन्हें कर्तृवाचक कृदन्तीय विशेषण कहते हैं। ऐसे शब्द धातुओं के अन्त में आवना, ना, नी, वाँ, क आदि प्रत्यय जोड़कर बनाये जाते हैं।

प्रश्न – क्रियाद्योतक कृदन्तीय विशेषण क्या है?

उत्तर – वे कृदन्त शब्द जिनसे क्रिया का बोध होता है, उन्हें क्रियाद्योतक कृदन्तीय विशेषण कहते हैं। ऐसे शब्द धातुओं के अन्त में ना, औनी, की, का, औनी, आवनी आदि प्रत्यय जोड़कर बनाये जाते हैं।

प्रश्न – तद्धित प्रत्यय के कितने भेद हैं?

उत्तर – तद्धित प्रत्यय के मुख्यत: छ: प्रकार हैं-

  1. भाववाचक तद्धित प्रत्यय
  2. स्थानवाचक तद्धित प्रत्यय
  3. कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय
  4. गुणवाचक तद्धित प्रत्यय
  5. ऊनतावाचक तद्धित प्रत्यय
  6. स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय

प्रश्न – भाववाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों के संसर्ग से संज्ञा या विशेषण शब्द भाव का बोध कराने लगते हैं, उन्हें भाववाचक तद्धित कहते हैं।

प्रश्न – स्थानवाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों के जुड़ने से संज्ञा आदि शब्द किसी स्थान विशेष के सूचक बन जाते हैं, उन्हें तस्तानवाचक तद्धित कहते हैं।

प्रश्न – कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों से कर्ता का बोध कराने वाले तद्धित शब्द बनते हैं, उन्हें कर्तृवाचक तद्धित कहते हैं।

प्रश्न – गुणवाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों के लगाने से पदार्थ के गुण का बोध हो अर्थात शब्द विशेषण रुप में परिणित हो जाएं उन्हें गुणवाचक (विशेषणवाचक) तद्धित कहते हैं।

प्रश्न – ऊनतावाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों के लगने से किसी पदार्थ की तुलनात्मक दृष्टि से न्यूनता स्पष्ट होती है, उन्हें ऊनतावाचक तदिधित कहते हैं।

प्रश्न – स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन प्रत्ययों के लगाने से शब्द स्त्री जाति का बोध कराने लगते हैं, स्त्रीवाचक तद्धित कहलाते हैं।

प्रश्न – गुड़िया में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – गुड़िया में ‘इया’ प्रत्यय है। इया स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – लंगड़ा में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – लंगड़ा में ‘ड़ा’ प्रत्यय है, ड़ा ऊनतावाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – चौधरानी, देवरानी में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – चौधरानी और देवरानी में ‘आनी’ प्रत्यय है, आनी स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – मंझला में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – मंझला में ‘ला’ प्रत्यय है, ला गुणवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – रेती में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – रेती में ‘ई’ प्रत्यय है, ई स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – लिखाई में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – लिखाई में ‘आई’ प्रत्यय है, आई में भाववाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – मनिहार में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – मनिहार में ‘हार’ प्रत्यय है, हार कृतृवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – सुहावना में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – सुहावना में ‘आवना’ प्रत्यय है, आवना कर्तृवाचक कृदन्तीय प्रत्यय है।

प्रश्न – बछवा में प्रत्यय का चयन कीजिए?

उत्तर – बछवा में ‘वा’ प्रत्यय है, ‘वा’ ऊनतावाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – विंध्यवासिनी में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – विंध्यवासिनी में ‘नी’ प्रत्यय है, नी स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – बेलन में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – बेलन में ‘न’ प्रत्यय है, ‘न’ करण वाचक कृदन्त प्रत्यय हैं।

प्रश्न – सुनहरा में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – सुनहरा में ‘हरा’ प्रत्यय है, हरा गुणवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – धनवन्त में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर – धनवन्त में ‘वन्त’ प्रत्यय है, वन्त गुणवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – अमावट में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – अमावट में ‘आवट’ प्रत्यय है, आवट भाववाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – पनिहार में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – पनिहार में ‘हार’ प्रत्यय है, हार कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – नशीला में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – नशीला में ‘ईला’ प्रत्यय है, ईला गुणवाचक तद्धित प्रत्यय है।

प्रश्न – चिकनाहट में कौन-सा प्रत्यय हैं?

उत्तर – चिकनाहट में ‘आहट’ प्रत्यय है, आहट भाववाचक तद्धित प्रत्यय है।

विशिष्ट परीक्षा सामग्री

कृत प्रत्यय

धातु कृत प्रत्यय कृदन्त
कृत तव्य कर्तव्य
विद् मान विद्यमान
विद् अना वेदना
बैठ बैठक
देन दारी देनदारी
समझ औता समझौता
भिक्ष् उक भिक्षुक
दृश अनीय दर्शनीय
श्रु अणीय श्रवणीय
भिड़ अन्त भिड़ंत
लड़ आई लड़ाई
उठ आन उठान
चिल्ल आहट चिल्लाहट
चाट नी चटनी
मिल आप मिलाप
खिंच आव खिंचाव
सज आवट सजावट

 

तद्धित प्रत्यय

संज्ञा तद्धित प्रत्यय तद्धितांत
पांडु पांडव
तालु व्य तालव्य
मुख इक मौखिक
गुरु त्व गुरुत्व
बल इष्ठ बलिष्ट
रक्त इमा रक्तिमा
मनु मानव
राष्ट्र ईय  राष्ट्रीय
मेधा वी मेधावी
कर्म निष्ठ कर्मनिष्ठ
पंडित इत्य पांडित्य
कुंती ऐय कौन्तेय
आनंद इत आनंदित
पाणिनी ईय पाणिनीय
ग्राम ईण ग्रामीण
अपना त्व अपनत्व
मम ता ममता
वह वही
मम तत्व ममत्व
मधुर ता मधुरता
लघु त्व लघुत्व
चतुर आई चतुराई
चौड़ा चौड़ाई
अंध ऐरा अँधेरा
सर्व दा सर्वदा
मीठा मिठाई
काला इमा कालिमा

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